ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी विशेष बलों को आकस्मिक योजनाएं तैयार करने का आदेश दिया गया है, हालांकि इस पर शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच मतभेद उभर आए हैं। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का मानना है कि ऐसी किसी भी कार्रवाई को कानूनी मंजूरी और कांग्रेस का समर्थन जरूरी होगा। सैन्य नेतृत्व का यह भी कहना है कि इस तरह का कदम यूरोपीय देशों के साथ टकराव बढ़ा सकता है और नाटो के भीतर गंभीर संकट पैदा कर सकता है।
वहीं ईरान के मामले में ट्रंप को हाल के दिनों में कई सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग दी गई है, जिनमें तेहरान के चुनिंदा ठिकानों पर लक्षित हमलों की संभावना भी शामिल है। ट्रंप ने ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कहा है कि अमेरिका ईरान को मौजूदा शासन से “आजादी” दिलाने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि ईरान पहले से कहीं ज्यादा बदलाव के करीब है।
Author: JAN TV Editorial Team
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