लेनिन भारती ने अपने पोस्ट में यह तर्क दिया कि सार्वजनिक हस्तियों को ज़मीनी आंदोलनों और संघर्षों के दौरान भी सामने आना चाहिए। उन्होंने लिखा कि क्या ऐसी मदद केवल प्रतीकात्मक है या फिर लगातार सामाजिक मुद्दों पर साथ खड़ा होना भी उतना ही ज़रूरी है। इस बयान के सामने आते ही रजनीकांत के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी और उनके कार्यों का समर्थन करते हुए लेनिन भारती की आलोचना शुरू कर दी।
फिल्मी करियर की बात करें तो लेनिन भारती तमिल सिनेमा में अभिनेता के साथ-साथ निर्देशक और लेखक के रूप में भी पहचान बना चुके हैं। उनकी निर्देशित फिल्में सामाजिक विषयों को छूने के लिए जानी जाती हैं। वहीं रजनीकांत के समर्थकों का कहना है कि अभिनेता वर्षों से दान-पुण्य और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं, इसलिए एक घटना के आधार पर उनकी मंशा पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
Author: JAN TV Editorial Team
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