मूडीज़ ने संकेत दिया कि कर सुधारों और आयकर सीमा में बदलाव से लोगों की क्रय-शक्ति को समर्थन मिला है, जिससे खपत आधारित विकास को गति मिलेगी। हालांकि यह अनुमान सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में जताई गई उम्मीदों से थोड़ा कम है, जहां FY27 के लिए 6.8 से 7.2 प्रतिशत ग्रोथ की संभावना जताई गई थी। चालू वित्त वर्ष में भी भारत की आर्थिक रफ्तार मजबूत बने रहने की बात कही गई है।
बैंकिंग सेक्टर पर टिप्पणी करते हुए एजेंसी ने कहा कि कर्ज वृद्धि में तेजी आने की उम्मीद है और बड़े कॉरपोरेट्स की वित्तीय स्थिति स्थिर बनी हुई है। हालांकि MSME सेक्टर में कुछ दबाव की आशंका जताई गई है, लेकिन बैंकों के पास जोखिम से निपटने के लिए पर्याप्त पूंजी भंडार मौजूद है। ब्याज दरों को लेकर मूडीज़ का मानना है कि आगे किसी भी अतिरिक्त कटौती का फैसला आर्थिक गतिविधियों की चाल को देखकर किया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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