शेरपुर और फेनी जिलों में भी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हमले की खबरें सामने आई हैं। Jamaat-e-Islami और बीएनपी समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और हिंसा के चलते कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। कुछ मामलों में घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जमालपुर में चुनावी घटनाओं की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार पर भी हमला किया गया, जिससे मीडिया की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
खुलना जिले में एक घर में आग लगाने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। इस बीच ढाका स्थित Human Rights Support Society की रिपोर्ट में चुनावी अवधि के दौरान व्यापक हिंसा, सैकड़ों संपत्तियों को नुकसान और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान कई जानें गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात सामान्य करने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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