उन्होंने कहा कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त खर्च की अनुमति भी मांगी है, लेकिन साथ ही राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद भी जताई गई है। इन दोनों को मिलाकर वास्तविक अतिरिक्त वित्तीय बोझ सीमित रहेगा। वित्त मंत्री के अनुसार सरकार का लक्ष्य है कि राजकोषीय घाटा तय सीमा के भीतर ही रखा जाए और वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए।
सरकार ने पूरक अनुदान मांगों में उर्वरक सब्सिडी, खाद्यान्न योजना और रक्षा क्षेत्र के लिए भी अतिरिक्त धन का प्रस्ताव रखा है। मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि किसानों के लिए उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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