बाजार की इस मजबूती को रिजर्व बैंक (RBI) के नीतिगत रुख से भी समर्थन मिला। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों को 5.25% पर स्थिर रखते हुए तटस्थ रुख अपनाया, जिससे बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का भरोसा और बढ़ा। रुपया भी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे मजबूत होकर 92.59 के स्तर पर आ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते व्यापार फिर से सुगम होने की उम्मीद ने निवेशकों के बीच से 'अनिश्चितता के डर' को खत्म कर दिया है, जिससे आने वाले सत्रों में भी बाजार में तेजी जारी रहने की संभावना है।
Author: JAN TV Editorial Team
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