कारोबार की शुरुआत में रुपया 95.01 पर खुला, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के चलते इसमें गिरावट आई। इससे पहले बुधवार को भी रुपया 94.88 के स्तर पर बंद हुआ था, जो उस समय तक का सबसे निचला स्तर था।
वैश्विक स्तर पर Brent Crude Oil की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला, जो 3.46% बढ़कर 122.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे आयात बिल बढ़ने की आशंका ने रुपये पर दबाव डाला।
वहीं, Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के फैसले और महंगाई के दबाव ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। BSE Sensex 687 अंकों की गिरावट के साथ 76,808 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty 228 अंकों की गिरावट के साथ 23,949 पर आ गया।
इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बिकवाली जारी रखी और बुधवार को करीब 2,468 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर और दबाव बढ़ा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक रुपये पर दबाव बना रह सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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