तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देश नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
बैठक में Norway, Denmark, Finland, Iceland और Sweden के प्रधानमंत्रियों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोनों पक्षों को स्वाभाविक साझेदार बनाती है।
उन्होंने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी साझेदारी के माध्यम से दुनिया के लिए बेहतर और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। चर्चा के दौरान स्थिरता, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में नेताओं ने वैश्विक तनाव और संघर्षों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देश Ukraine और पश्चिम एशिया समेत विभिन्न क्षेत्रों में शांति और संघर्षों के जल्द समाधान के प्रयासों का समर्थन जारी रखेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर सहमत हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और नॉर्डिक देश साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानव-केंद्रित विकास की सोच से जुड़े हुए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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