राज सिंह को पहले एसआईटी ने हत्या मामले में आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था। बाद में जांच का जिम्मा संभालने वाली सीबीआई ने 18 मई को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से ‘असली’ आरोपी राज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। इसके बाद एजेंसी ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा कि बलिया निवासी राज सिंह को गलतफहमी में पकड़ा गया था।
सीबीआई की दलीलों पर सुनवाई करते हुए बारासात अदालत ने राज सिंह को बरी कर दिया। गुरुवार को वह अपने घर बलिया लौट आए।
यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद हुए चर्चित हत्याकांड से जुड़ा है। मुख्यमंत्री के सहयोगी और निजी सहायक चंद्रकांत रथ की 6 मई को हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली थी।
अब असली आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।