बीएसएफ के अनुसार टीम में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की मुनमुन घोष, उत्तराखंड की राबेका सिंह और कारगिल की त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं। महिला पर्वतारोहियों ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह करीब आठ बजे 8,848.86 मीटर ऊंची एवरेस्ट चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की।
बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि पर्वतारोहियों द्वारा एवरेस्ट शिखर पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाना पूरे राष्ट्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण है। बल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह अभियान ‘वंदे मातरम्’ की अमर विरासत को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से भी आयोजित किया गया था।
बीएसएफ के महानिदेशक Praveen Kumar ने रेडियो संपर्क के माध्यम से महिला कर्मियों को बधाई दी।
महिला टीम को उनके पहले पर्वतारोहण अभियान के लिए 6 अप्रैल को दिल्ली से रवाना किया गया था। यह अभियान बीएसएफ के हीरक जयंती वर्ष और 2026 में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
लगभग 2.7 लाख कर्मियों वाले सीमा सुरक्षा बल की स्थापना 1965 में हुई थी। बल भारत की पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा के साथ आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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