परिवार का आरोप है कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह, जो सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं, ने घटना के बाद कई सार्वजनिक हस्तियों, न्यायिक अधिकारियों और सीसीटीवी तकनीशियनों से संपर्क किया। परिवार ने इन सभी फोन कॉल्स की जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन संपर्कों का उद्देश्य क्या था और ये किस संदर्भ में किए गए थे।
गिरिबाला सिंह ने पहले अदालत को सूचित किया था कि उनके आवास पर लगे आठ सीसीटीवी कैमरों का संचालन एक निजी कंपनी द्वारा किया जाता है और तकनीकी रखरखाव में खामियों के कारण फुटेज में समय अंतराल देखा गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि गलत तारीख और समय के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
हालांकि, मृतका के परिवार ने सवाल उठाते हुए कहा है कि घटना के तुरंत बाद सीसीटीवी रखरखाव से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों और अन्य अधिकारियों से संपर्क क्यों किया गया, जबकि पीड़िता के परिजनों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि अदालत में जमा दस्तावेजों के अनुसार कुछ वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों और लोकायुक्त से भी संपर्क किया गया था, जिसकी जांच जरूरी है।
परिवार का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड किसी भी संदिग्ध मौत की जांच में अहम सबूत होते हैं, इसलिए इन सभी तकनीकी और संचार रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
Author: JAN TV Editorial Team
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