CBI की विशेष अपराध इकाई भोपाल पहुंची और राज्य पुलिस से मामले से जुड़े दस्तावेज व सबूत अपने कब्जे में लिए। इसके बाद एजेंसी ने भोपाल पुलिस द्वारा दर्ज FIR को दोबारा अपनी केस डायरी में दर्ज किया।
CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यही धाराएं पहले राज्य पुलिस ने भी लगाई थीं।
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। FIR के अनुसार उनके पति समर्थ सिंह उन्हें रात करीब 10:20 बजे AIIMS भोपाल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “फांसी लगना” बताया गया, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद ट्विशा के परिवार के बयान दर्ज किए गए, जिनमें ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के आरोप लगाए गए।
परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही ट्विशा पर दहेज को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। FIR में यह भी उल्लेख है कि घटना वाली रात ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी, जिसमें उनके पति की आवाज सुनाई दे रही थी और अचानक कॉल कट गया था।
इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि जांच निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से सुनिश्चित की जाएगी। अदालत ने दोनों पक्षों से मीडिया में बयानबाजी से बचने और अपना पक्ष जांच एजेंसी के सामने रखने की सलाह दी।
फिलहाल CBI मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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