यह कार्रवाई उस समय हुई जब सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और मध्य प्रदेश पुलिस की एफआईआर को दोबारा दर्ज करते हुए उसे अपने केस के रूप में शामिल किया। इसमें समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
इससे पहले समर्थ सिंह को राज्य पुलिस की एसआईटी ने जबलपुर से गिरफ्तार कर भोपाल लाया था, जहां उन्हें सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। बाद में जांच सीबीआई को ट्रांसफर होने के बाद एसआईटी ने उनकी आगे की हिरासत की आवश्यकता नहीं जताई।
सीबीआई ने अदालत में रिमांड की मांग करते हुए तर्क दिया कि मामले की आगे की जांच के लिए आरोपी की कस्टडी जरूरी है। अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं सहित दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
मामले की शुरुआत 12 मई को हुई थी जब ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। परिवार ने आरोप लगाया है कि दहेज को लेकर प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के कारण उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।
इस बीच, मृतका के परिजनों की शिकायत पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद AIIMS दिल्ली की टीम ने भी भोपाल में दोबारा पोस्टमार्टम किया है।
अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई द्वारा आगे बढ़ाई जाएगी और सभी दस्तावेज व सबूत केंद्रीय एजेंसी के हवाले कर दिए गए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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