पुलिस के अनुसार, यह मामला 17 जुलाई 2025 को उत्तर-पश्चिम दिल्ली स्थित Kanhaiya Nagar Metro Station के पास हुई ₹39.99 लाख की लूट से जुड़ा है। आरोपियों ने कथित तौर पर देसी पिस्तौल और चाकू के बल पर शिकायतकर्ता मनोज तवानिया से नकदी लूट ली थी और मौके से फरार हो गए थे।
इस मामले में Keshav Puram थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने चार नाबालिगों को पकड़ा और दिल्ली के मुकुंदपुर निवासी आरिफ को गिरफ्तार किया, जिस पर वारदात में इस्तेमाल देसी पिस्तौल की व्यवस्था करने का आरोप है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹11.92 लाख नकद भी बरामद किए हैं। तकनीकी निगरानी और जांच के आधार पर पुलिस टीमों ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में छापेमारी की। इसके बाद इस मामले के कथित मास्टरमाइंड धीरज रंधावा उर्फ धरमप्रीत उर्फ दलाल को राजस्थान के श्रीगंगानगर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, धीरज ने नाबालिगों को पैसे का लालच देकर साजिश में शामिल किया था और वारदात के बाद लूटी गई रकम को सभी के बीच बांटा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि धीरज ने लूट की रकम से सोने के गहने और राजस्थान में एक प्लॉट खरीदा था।
पुलिस ने सोने का मंगलसूत्र, कंगन, झुमके, अंगूठियां, एक मोटोरोला मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किए हैं, जिन्हें कथित तौर पर लूट की रकम से खरीदा गया था। अदालत के आदेश पर इन संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय धीरज पहले भी हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट समेत आठ आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। मामले में नाबालिगों को अपराध में शामिल करने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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