सरकार के अनुसार, प्रभावित इलाकों में अब भी 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कई जगहों पर मलबे के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह भीषण आपदा 25 जून को उस समय आई, जब वेनेजुएला में 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे और फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग इमारतों के मलबे में दब गए।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इस भूकंप में 10 हजार से अधिक लोगों की मौत होने की 44% और एक लाख लोगों के मारे जाने की 30% आशंका जताई गई है। वहीं प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में सेना, राहत एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेल्सी रोड्रिग्ज से बातचीत कर भारत की ओर से हरसंभव सहायता देने की पेशकश की है।
Author: JAN TV Editorial Team
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