गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ की विजयादशमी शोभायात्रा, मुस्लिम समाज ने भी किया स्वागत
(Gorakhpur, Gorakhpur) विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार शाम गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर में पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकाली गई। गोरखनाथ मंदिर से शुरू होकर मानसरोवर रामलीला मैदान तक पहुंची इस शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों ने भी पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

गोरखनाथ मंदिर से निकली पारंपरिक शोभायात्रा

शाम करीब 4:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लेकर फूलों से सजे रथ पर सवार हुए। शोभायात्रा में नागफनी, तुरही, नगाड़े, डमरू दल और बैंड-बाजे की धुन के बीच हनुमान दल के बालकों ने करतब दिखाए। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग शोभायात्रा देखने के लिए जुटे।

मुस्लिम और बुनकर समाज ने किया स्वागत

गोरखनाथ मंदिर से शोभायात्रा आगे बढ़ने पर मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उर्दू अकादमी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा ने माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने अभिवादन स्वीकार करते हुए लोगों को मंदिर के नवरात्र अनुष्ठान का प्रसाद दिया।

चौधरी कैफुलवरा ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से इस शोभायात्रा का स्वागत करता आ रहा है। इसके बाद बुनकर वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले उत्तर प्रदेश हज कमेटी के सदस्य जुनैद अहमद अंसारी, अजीजुल हई और अन्य लोगों ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया।

श्री झूलेलाल मंदिर के पास सिंधी समाज के लोगों ने भी फूल बरसाकर शोभायात्रा का अभिनंदन किया। पूरे मार्ग पर स्वागत का सिलसिला जारी रहा।

मानसरोवर मंदिर में पूजा, आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण

शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंची, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवाधिदेव महादेव और अन्य देव विग्रहों की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव का अभिषेक भी किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने मानसरोवर रामलीला मैदान के बाहर संविधान शिल्पी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। फिर शोभायात्रा रामलीला मैदान पहुंची, जहां पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत हुआ।

रामलीला में प्रभु श्रीराम का किया राजतिलक

मानसरोवर रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री ने रामलीला के दौरान प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर आरती उतारी। इस तरह गुरु गोरखनाथ की पूजा से लेकर श्रीराम के राजतिलक तक विजयादशमी की पारंपरिक धार्मिक गतिविधियां संपन्न हुईं।

10 लोक कलाकार दलों ने दी प्रस्तुतियां

शोभायात्रा मार्ग पर 10 लोक कलाकार दलों ने विभिन्न स्थानों पर अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का स्वागत किया। कार्यक्रम में शंख वादन, बधावा नृत्य, पाई डंडा, लोक नृत्य, मयूर नृत्य, फरुवाही, देढ़िया, रास और जनजातीय नृत्य जैसी प्रस्तुतियां शामिल रहीं। अयोध्या, बांदा, सोनभद्र, मथुरा, प्रयागराज और गोरखपुर सहित विभिन्न स्थानों के कलाकारों ने इसमें भाग लिया।

Digital Desk: Prashant Kumar Singh

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।