श्याओमी ने मानी डेटा भेजने की गड़बड़ी, एफ-सिक्यॉर ने लगाया था आरोप
(India) यह कंपनी दुनिया की टॉप कंपनियों में शामिल हो गई है और यह चीन में सैमसंग को पीछे छोड़कर नंबर 1 बन चुकी है। श्याओमी पर आरोप लगते रहे हैं कि उसके फोन चुपके से यूज़र डेटा को रिमोट सर्वर पर भेजते हैं। इस बार आरोप लगाया है सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर और सल्यूशंस कंपनी एफ-सिक्यॉर ने, जिसने श्याओमी रेडमी 1S फोन को टेस्ट किया है। श्याओमी ने इस पर सफाई देते हुए एक तरह से इस आरोप को मान लिया है और इसे ठीक करने के लिए एक अपडेट दिया है। एफ-सिक्यॉर ने Mi क्लाउड अकाउंट का इस्तेमाल नहीं किया। श्याओमी का Mi क्लाउड ऐपल के आई-क्लाउड जैसा है, जो यूज़र डेटा को स्टोर करता है। एफ-सिक्यॉर ने फोन में केवल सिम-कार्ड डाला, फोन को वाई-फाई से कनेक्ट किया, जीपीएस ऑन किया, एक कॉन्टैक्ट ऐड किया, कॉल की, कॉल रिसीव की और मेसेज भेजे-पाए। एफ-सिक्यॉर ने पाया कि फोन बुक में ऐड किए गए कॉन्टैक्ट और जहां से एसएमएस पाए गए थे, वे फोन नंबर फॉरवर्ड हुए थे। फोन यही काम तब भी करता है, जब कोई Mi क्लाउड अकाउंट बनाता है। एफ-सिक्यॉर ने अपने ब्लॉग में कहा, 'इसके बाद हमने Mi क्लाउड पर लॉग-इन किया, जो श्याओमी की ऐपल के आई-क्लाउड जैसी सर्विस है। इसके बाद हमने वही सारे काम किए। इस बार IMEI और फोन नंबर के साथ IMSI डीटेल्स api.account.xiaomi.com पर गया।'

Author: JAN TV Editorial Team

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