संथारा प्रथा से जुड़े मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में निखिल सोनी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुरक्षित रखे अपने फैसले में संस्थारा प्रथा पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि संथारा लेना आत्महत्या के सामान है लिहाजा ऐसा करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। दरअसल, हाईकोर्ट ने इस मामले पर विभिन्न पक्षों को सुनने के बाद 23 अप्रेल को सुनवाई पूरी कर ली थी और अपना निर्णय सुरक्षित रखा था।
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