PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, राजस्थान समेत देशभर के किसानों के खातों में पहुंचे 18,690 करोड़ रुपये
(India) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी। इस किस्त के तहत राजस्थान समेत देशभर के करीब 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई। सरकार का कहना है कि इस आर्थिक सहायता से किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के साथ घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई अन्य योजनाओं की भी शुरुआत की। उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत तैयार की गई 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और बेहतर प्रबंधन की सुविधाओं को बढ़ाना है। इसके साथ ही उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को प्रोत्साहन देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से 12 बागवानी क्लस्टरों का उद्घाटन भी किया गया।

पीएम मोदी बोले- किसान विकसित भारत के मजबूत स्तंभ

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के करोड़ों छोटे किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त पहुंची है। किसान विकसित भारत की नींव को मजबूत करने वाले प्रमुख स्तंभ हैं। सरकार ने हमेशा उनके कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना से भी अधिक बढ़ चुका है। पीएम किसान सम्मान निधि आज करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का अहम हिस्सा बन गई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करने के लिए लगातार काम कर रही है।

अब तक 23 किस्तों में किसानों को मिली आर्थिक मदद

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत इससे पहले 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस योजना के माध्यम से पात्र किसान परिवारों को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती से संबंधित जरूरी खर्चों के लिए आर्थिक संबल देना और उनकी आजीविका को सुरक्षित बनाने में मदद करना है।

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था के जरिए मिलने वाली यह राशि किसानों को बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों पर खर्च करने में सहायक होती है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक राहत मिलती है।

कृषि अवसंरचना कोष से मजबूत हो रही भंडारण व्यवस्था

किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार कृषि अवसंरचना कोष के माध्यम से भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दे रही है। इसके तहत गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र और अन्य जरूरी कृषि सुविधाओं के निर्माण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, कृषि अवसंरचना कोष के तहत अब तक 2.28 लाख से अधिक परियोजनाओं में करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। इन परियोजनाओं से कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फसलों के बेहतर भंडारण और प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। इससे उन्हें उचित कीमत मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार की कई पहल

केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। खाद्य तेलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन और दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए दालों से जुड़ी पहल संचालित की जा रही हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के जरिए किसानों को रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में कृषि क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।

किसानों के लिए इन योजनाओं पर भी सरकार का जोर

किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और कृषि क्षेत्र में जोखिम कम करने के लिए सरकार कई प्रमुख योजनाएं चला रही है। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' जैसी पहल शामिल हैं।

इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को फसल खराब होने की स्थिति में बीमा सुरक्षा, खेती के लिए कर्ज की सुविधा और सिंचाई में पानी का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर बाजार व्यवस्था और आर्थिक सहायता से जोड़कर किसानों की आय में सुधार किया जा सकता है। पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी होने के साथ ही सरकार ने कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कई कदम उठाए हैं।
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