नेहा बोरा ने हिंसा भड़काने की बात नहीं की, कोर्ट में  AISA अध्यक्ष की वकील की दलील
(India) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कहा कि उन्होंने कभी हिंसा भड़काने की बात नहीं की। बचाव पक्ष के अनुसार, उनका विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। नेहा बोरा ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस नोटिस में शांति बनाये रखने के लिए 10 हजार रूपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने से जुड़ा निर्देश दिया गया था। सुनवाई के दौरान वकील ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता BNSS की धरा 126 और 130 के तहत जारी नोटिस पर सवाल उठाये। उनका तर्क था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा भड़काने की कार्रवाई नहीं माना जाना चाहिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और तरंग मार्च से जुड़ा था। पुलिस की ओर से जारी नोटिस में कथित नारेबाजी, प्रतिबंधत्मक आदेशों के बावजूद प्रदर्शन और लोगों को सेन्ट्रल पार्क में जुटने के लिए प्रतीत करने जैसे आरोप का उल्लेख किया गया था। वहीं, बचाव पक्ष ने इन आरोपों के आधार पर जारी कार्रवाई पर सवाल है।

अब मामले में अदालत की आगे की सुनवाई और आदेश पर नगर रहेगी वकील की दलीलें बचाव पक्ष का पक्ष है। और मामले का अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले से ही स्पष्ट होगा।

Digital Desk: Anu Sah

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