धर्म परिवर्तन और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले रोडवेज चेयरमैन उमराव ने शुक्रवार को रोजाना की तरह दफ्तर पहुंच कामकाज निबटाया, लेकिन मीडिया से दूरी बनाए रखी...सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर खामोशी रही, लेकिन दलित संगठनों ने आक्रोश जताते हुए उमराव के धर्म बदलने को मजबूर होने के कारणों की, हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने और उन्हें मुख्य सचिव बनाने की मांग की है...राज्य सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी है..इस बीच सचिवालय में दिनभर सालोदिया प्रकरण चर्चा में रहा।
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