जयपुर, अजमेर और जोधपुर विकास प्राधिकरण के अलग अलग कानून को खत्म कर अब समान कानून का मसौदा तैयार किया जाएगा। इनकी जगह राजस्थान विकास प्राधिकरण विधेयक 2016 लाया जाएगा। इसका प्रारुप तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर एक महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। दरअसल प्रदेष में तीनों विकास प्राधिकरण को लेकर अलग अलग एक्ट बने हुए हैं। हालांकि एक्ट के प्रावधान एक समान ही है। ऐसे में राज्य सरकार अलग अलग एक्ट की बजाय एक ही कानून लाने की तैयारी कर रही है।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।