इस मामले में सीबीएसई चेयरपर्सन अनिता करवाल को 28 मार्च को हुई परीक्षा से कुछ ही घंटे पहले रात 1.39 बजे आधिकारिक मेल पर एक शिकायत मिली थी। इस मेल में सूचना दी गई थी कि व्हाट्सएप पर पेपर लीक हो गया है। छात्र ने मेल भेजने के लिए अपने पिता की आईडी का इस्तेमाल किया था और जांच की मांग की थी।
अगले दिन परीक्षा हो जाने के बाद बोर्ड ने इस मेल की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद 28 मार्च को रात करीब 8 बजे क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। छात्र की पहचान के लिए क्राइम ब्रांच ने गूगल से भी मदद मांगी है। हमारे सहयोगी अखबार एचटी की रिपोर्ट के अनुसार छात्र के पिता दिल्ली क्लब में काम करते हैं। साथ ही वे इस बात की पुष्टि भी कर चुके हैं कि मेल उऩके बेटे ने ही किया था।
उन्होंने बताया कि उनके बेटे को किसी ने व्हाट्सएप पर गणित का पेपर भेजा था, जिसके बाद वह परेशान हो गया हो और उसने इसकी सूचना बोर्ड को देकर पेपर रद्द कराने की मांग करने का फैसला लिया। साथ ही भेजे गए मेल में वायरल पेपर भी अटैच किया गया था।
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