बेरिकेड को टक्कर मारने के बाद से टेंपो का पीछा कर रहे पुलिसकर्मियों ने उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से परिजन उन्हें छुट्टी कराकर ले गए। धर्मेंद्र की तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
धर्मेंद्र के परिजनों का आरोप है कि पीछा करने वाले पुलिसकर्मियों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया बल्कि उनसे वसूली भी की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को गलत बताया है।
वहीं दूसरी ओर कथित आरोपी कांस्टेबल नवल सिंह और प्रभु यादव को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे पुलिस उसके आधार पर आगे की जांच करेगी।
पुलिस के मुताबिक टेंपो चालक धर्मेंद्र अपने परिवार के साथ आजादपुर इलाके में रहता था। वह रविवार रात हेल्पर चंदन के साथ सब्जी उतारने ओखला मंडी गया था।
Digital Desk: Firoz Khan
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