यूपी बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी से, रिवर्स टाइम टेबल बनाकर समय पर पूरा कराएं सिलेबस: पार्थ सारथी सेन शर्मा
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बुधवार को लखनऊ स्थित राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET) से यूट्यूब लाइव मार्गदर्शन सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, मेंटर्स, शिक्षा अधिकारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए शिक्षक ‘रिवर्स टाइम टेबल’ बनाकर निर्धारित समय में पूरा पाठ्यक्रम समाप्त कराएं, ताकि विद्यार्थियों को दोहराव और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

5 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं

पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होंगी। फरवरी में ही गृह परीक्षाएं भी आयोजित की जानी हैं। ऐसे में शेष शिक्षण समय का अधिकतम उपयोग करना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से कहा कि पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों को नियमित पुनरावृत्ति का अवसर भी दिया जाए।

उन्होंने विद्यार्थियों को उत्तर लेखन में महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित करने, उत्तर बिंदुवार लिखने और जरूरत के अनुसार चार्ट, ग्राफ व डायग्राम का इस्तेमाल करने की सलाह दी। साथ ही शब्द सीमा का ध्यान रखने पर जोर दिया। विद्यार्थियों और शिक्षकों को परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्नपत्रों के आधार पर ढाई से तीन घंटे के मॉक टेस्ट कराने का सुझाव भी दिया गया।

परीक्षा के तनाव से बचने के लिए खेलकूद जरूरी

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बोर्ड परीक्षा जीवन की अंतिम परीक्षा नहीं है और अंक ही सब कुछ नहीं होते। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाने की अपील की। विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने के लिए प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद के लिए निकालने की सलाह दी गई। जरूरत पड़ने पर छात्र और अभिभावक टेली-काउंसलिंग सेवाओं का भी लाभ ले सकते हैं।

कक्षा 5 तक विस्तारित हुआ निपुण भारत मिशन

शिक्षा विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश निपुण भारत मिशन को कक्षा 5 तक विस्तारित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मिशन के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सरल शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए ‘निपुण तालिका’ और ‘निपुण ऐप प्लस’ तैयार किए गए हैं।

इस वर्ष निपुण असेसमेंट दो चरणों में होगा। पहला चरण 20 से 30 दिसंबर और दूसरा चरण 20 से 30 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। मूल्यांकन डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया जाएगा। डायट प्राचार्यों को प्रशिक्षुओं को निष्पक्ष और त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि असेसमेंट का उद्देश्य किसी विद्यालय को दंडित करना या उसका महिमामंडन करना नहीं, बल्कि सीखने में आ रही कमियों की पहचान कर सुधार के लिए जरूरी कदम उठाना है।

कमजोर विद्यार्थियों के लिए 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान

कमजोर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए विभाग ने 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान लागू किया है। इसके तहत शिक्षकों को प्रतिदिन 30 मिनट से एक घंटे तक रेमेडियल टीचिंग के लिए निर्धारित करने को कहा गया है। कक्षा में सहपाठी शिक्षण यानी पीयर लर्निंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी अपने साथियों की मदद कर सकें।

इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान, गृह विज्ञान और भूगोल की प्रयोगशालाओं को सक्रिय करने तथा प्रैक्टिकल के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को नियमित शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

‘उद्गम’ पोर्टल पर साझा होंगे शिक्षकों के नवाचार

शिक्षकों के नए प्रयोगों और शैक्षणिक नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘उद्गम’ पोर्टल का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के अनुसार, इस पोर्टल पर अब तक 200 से अधिक नवाचार अपलोड किए जा चुके हैं। शिक्षक संकुल की बैठकें अलग-अलग विद्यालयों में रोटेशन के आधार पर आयोजित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि शिक्षक एक-दूसरे के अनुभवों और नवाचारों से सीख सकें।

शिक्षक भर्ती और रिक्तियों पर भी निर्देश

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। नगर क्षेत्र के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से 11,000 शिक्षकों की भर्ती तथा माध्यमिक और एडेड विद्यालयों में 17,000 से अधिक टीजीटी, पीजीटी और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि भर्तियां राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी। शासन ने प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को रिक्तियों का आकलन करने और 31 मई तक संबंधित आयोगों को अधियाचन भेजने की स्थायी व्यवस्था भी बनाई है।

नवंबर से बच्चों को मिलेगा गर्म हलवा और उपमा

कक्षा 8 तक संचालित पीएम पोषण योजना के तहत नवंबर से शुरू होने वाली 14 सप्ताह की अवधि में बच्चों को पूरक पोषण के रूप में गर्म और ताजा हलवा तथा उपमा परोसा जाएगा। इसके लिए रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से नवंबर-दिसंबर में उत्कृष्ट रसोइयों की प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें पुरस्कृत करने की योजना भी है।

शिक्षा विभाग की इन प्राथमिकताओं में बोर्ड परीक्षाओं की समयबद्ध तैयारी, कमजोर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार, शिक्षकों के नवाचार, भर्ती प्रक्रिया और स्कूली बच्चों के पोषण पर विशेष जोर दिया गया है।

Digital Desk: Prashant Kumar Singh

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