जीडीए का उद्यान विभाग टॉय ट्रेन को लेकर दो साल से कागजी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। लखनऊ से अधिकारियों की टीम टॉय ट्रेन को लेकर यहां निरीक्षण भी कर चुकी है। टॉय ट्रेन रेलवे की ओर से दी जानी थी, जबकि सिटी फॉरेस्ट में टॉय ट्रेन के लिए पटरी बिछाने और स्टेशन बनाने का पूरा खर्चा जीडीए को उठाना था। जीडीए ने लगभग 1 करोड़ का बजट बनाकर लखनऊ भेजा था, फिर भी प्रॉजेक्ट रुका हुआ है।
Digital Desk: Firoz Khan
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