उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी के कार्यकाल के दौर जब भारत और पाकिस्तान के बीच तो मैच हुआ था तो पाकिस्तान की ओर लोग भारतीय टीम की जय-जयकार कर रहे थे और तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी तत्कालीन भारतीय कप्तान एमएस धोनी की तारीफ की थी. इधर भारत के नागरिक भी पाकिस्तान के लिए जयकार कर रहे थे. लेकिन कुछ दिन पहले आगरा में जब भारत के साथ मैच के दौरान कुछ युवाओं ने पाक क्रिकेट टीम की जय-जयकार की तो एक भी वकील उनकी बात मानने को तैयार नहीं तो ऐसा लगता है जैसे गांधी का भारत, गोडसे के भारत में बदल रहा है.
Digital Desk: Firoz Khan
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