इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। सम्मेलन में देश के अलग-अलग क्लाइमेटिक जोन के अनुसार कृषि रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए मंत्री, अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया, जिससे यह एक बड़े कृषि महासंगम के रूप में उभरा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत आज खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है और चावल उत्पादन में दुनिया में पहला स्थान हासिल कर लिया है।
सम्मेलन में आधुनिक खेती, तकनीकी नवाचार, लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल उत्तर भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।