कोरी ने बताया कि नाव में क्षमता से अधिक करीब 40 लोग सवार थे, जिनमें कुछ बच्चे बिना टिकट के भी बैठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की चेतावनी के बावजूद चालक ने नाव को सुरक्षित दिशा में नहीं मोड़ा।
अधिकारियों के अनुसार, 29 यात्रियों और दो चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही क्रूज नाव गुरुवार शाम अचानक आए तूफान के कारण जलाशय में पलट गई थी।
संगीता कोरी ने बताया कि वह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ दिल्ली से जबलपुर घूमने आई थीं। शाम करीब चार बजे उन्होंने बरगी बांध जाने का कार्यक्रम बनाया। जब क्रूज शाम करीब छह बजे लौट रहा था, तभी तेज हवाएं चलने लगीं और नाव में पानी भरने लगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी यात्री ने पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी और उन्हें नाव के अंदर रखा गया था। जब स्थिति बिगड़ी तो जैकेट बांटने की कोशिश की गई, जिससे भगदड़ और धक्का-मुक्की मच गई और कुछ ही पलों में नाव पलट गई।
कोरी ने कहा कि उन्होंने किसी तरह लाइफ जैकेट पकड़कर अपनी जान बचाई, लेकिन उनके परिवार के तीन सदस्य ही सुरक्षित बाहर निकल पाए। एक सदस्य की मौत हो गई, जबकि दो अब भी लापता हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्रूज संचालक ने यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा कमाई को प्राथमिकता दी। कोरी के मुताबिक, अगर चालक समय रहते नाव को सुरक्षित दिशा में मोड़ देता, तो यह हादसा टल सकता था।
Author: JAN TV Editorial Team
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