पुलिस के अनुसार, यह गिरोह साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। अब तक इस नेटवर्क से जुड़ी 3,40,877 रुपये की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है।
मामला तब सामने आया जब न्यू अशोक नगर निवासी शशि रंजन भारती ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें एक ऑनलाइन निवेश स्कीम में 1,01,869 रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। पीड़ित को 6 अप्रैल को सोशल मीडिया ग्रुप में जोड़कर डिजिटल मार्केटिंग और निवेश के नाम पर अधिक रिटर्न का झांसा दिया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, KYC डिटेल्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किया गया था, जिसे आगे अन्य खातों में घुमाकर छिपाया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज बछार (18), समीर बछार (21), रोहित राय (18), रोहित मिस्त्री (18) और हरीश सरकार (18) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपी म्यूल अकाउंट ऑपरेट करते थे, जबकि बाकी आरोपी बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने और नेटवर्क को सपोर्ट करने का काम करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। फिलहाल इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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