अधिकारियों के अनुसार, 2023 और 2025 में हरियाणा के कई हिस्सों में गंभीर बाढ़ की स्थिति बनी थी, जिसके चलते इस बार पहले से तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
Gurugram में बसई तालाब क्षेत्र में कृत्रिम बाढ़ की स्थिति तैयार कर पुलिस, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सभी टीमें पहले ताऊ देवी लाल स्टेडियम में बने स्टेजिंग एरिया में एकत्र हुईं, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
वहीं Ambala में जिला प्रशासन ने करीब 15 विभागों और 100 से अधिक कर्मियों की भागीदारी के साथ बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की। इसमें SDRF, रेड क्रॉस, सेना, पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास के जरिए आपदा के समय संसाधनों के बेहतर समन्वय और कमियों की पहचान करने की कोशिश की गई।
राज्य सरकार का कहना है कि हरियाणा में बाढ़ अलर्ट और अर्ली वार्निंग सिस्टम पहले से सक्रिय है, खासकर टांगरी और मारकंडा जैसी मौसमी नदियों के लिए, जहां भारी बारिश के दौरान जलस्तर तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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