क्षेत्र के विधायक Paritosh Das ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए संबंधित विभागों को आपातकालीन सहायता (एसओएस) भेजी है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि नदी में लगातार बढ़ रही गाद जल प्रवाह को बाधित कर रही है, जिससे मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी को संभालना मुश्किल हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, कलजानी नदी में गाद जमा होने की समस्या का एक प्रमुख कारण भूटान क्षेत्र में होने वाली अनियंत्रित खनन गतिविधियों को माना जा रहा है। नदी भूटान हिमालय से निकलकर पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार क्षेत्र से गुजरती है और आगे चलकर ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र से जुड़ जाती है।
अलीपुरद्वार में हर वर्ष मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां सामने आती हैं। इस बार भी स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है कि नदी की जलधारण क्षमता कम होने से हालात और गंभीर हो सकते हैं।
विधायक और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नदी की वैज्ञानिक तरीके से खुदाई, गाद निकासी और जल प्रवाह को सुचारु बनाने के लिए शीघ्र कदम उठाने की मांग की है, ताकि मानसून के दौरान संभावित बाढ़ से लोगों को राहत मिल सके।
Author: JAN TV Editorial Team
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