प्रशासन के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में कुल आठ मजारें मौजूद हैं, जिनमें से केवल दो के लिए ही देखभालकर्ता नियुक्त पाए गए। शेष छह मजारों के संबंध में किसी प्रकार के वैध दस्तावेज या स्वामित्व संबंधी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए।
केजीएमयू प्रशासन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत संबंधित पक्षों से दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए दो बार नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, निर्धारित अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति या संगठन की ओर से आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कराए गए।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने प्रशासन को पत्र लिखकर इन छह मजारों को अवैध बताते हुए उन्हें हटाने का अनुरोध किया है। प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए इन मजारों को कब्रिस्तान में स्थानांतरित किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, परिसर में भूमि उपयोग और संस्थान के विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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