डुगोंग संरक्षण केंद्र पर विवाद, मनोरा बीच में ताड़ के पेड़ काटने के आरोप पर प्रदर्शन
(Kumbakonam, Thanjavur) तमिलनाडु के तंजावुर जिले के मनोरा बीच पर प्रस्तावित डुगोंग संरक्षण केंद्र को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि परियोजना के निर्माण के लिए 500 से अधिक ताड़ के पेड़ काट दिए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत वाले इस संरक्षण केंद्र के निर्माण को आसान बनाने के लिए बड़ी संख्या में ताड़ के पेड़ों को हटाकर जला दिया गया। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन और अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

विरोध के दौरान महिलाओं ने काटे गए पेड़ों के पास बैठकर पारंपरिक ‘ओप्पारी’ शैली में प्रतीकात्मक शोक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ताड़ के पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और हटाए गए पेड़ों की जगह नए पौधे लगाए जाएं।

हालांकि वन विभाग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक राजस्व रिकॉर्ड में उस क्षेत्र में केवल 93 ताड़ के पेड़ और एक नारियल का पेड़ दर्ज था। विभाग का दावा है कि कुछ पेड़ों को काटने के बजाय दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया है।

वन विभाग ने यह भी बताया कि इस वर्ष करीब 30 हजार ताड़ के बीज लगाए गए हैं और परियोजना के दौरान सभी सरकारी नियमों का पालन किया जा रहा है।

Author: JAN TV Editorial Team

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