यह घाट धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष अवसरों पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। लेकिन खराब संरचना के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी सुनील कुमार यादव ने बताया कि सीमित और असुरक्षित क्षेत्र में ही श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोग यहां आत्मशुद्धि के उद्देश्य से आते हैं, लेकिन खराब व्यवस्था के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से घाट की मरम्मत की जिम्मेदारी लेने की अपील की।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि घाट का क्षतिग्रस्त हिस्सा बिना मरम्मत के ही छोड़ दिया गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि कई जगहों पर स्थिति इतनी खराब है कि किसी को यह पता नहीं चलता कि संरचना कहां टूटी हुई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
घाट के आसपास व्यापार करने वाले लोगों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से लगाए गए प्रतिबंधों का उनके रोजगार पर भी गहरा असर पड़ा है। दुकानदारों ने बताया कि कामकाज ठप हो गया है और आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही मरम्मत और सुधार के काम नहीं किए गए, तो यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। साथ ही इससे जुड़े लोगों की आजीविका पर भी और गंभीर असर पड़ेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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