छत्तीसगढ़ में आधुनिक उर्वरकों से बदल रही खेती की तस्वीर
(Raipur, Raipur) छत्तीसगढ़ में खेती अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों की ओर कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन दिलाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। खरीफ सीजन 2026 से पहले सरकार ने उर्वरकों का व्यापक भंडारण भी सुनिश्चित किया है, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो सके।

केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले राज्य में अब तक 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। इसके साथ ही किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसी नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि किसान पहले से ही नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों को समझते हुए इनका उपयोग कर रहे हैं। उनका मानना है कि आधुनिक उर्वरकों के प्रयोग से खेती अधिक वैज्ञानिक और लाभदायक बन रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों के उपयोग से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी तरीके से मिलते हैं। इससे रासायनिक खाद की खपत कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है। कृषि विभाग और सहकारी समितियां लगातार किसानों को इन उर्वरकों के फायदे समझा रही हैं, जिसके चलते इनके प्रति किसानों की रुचि बढ़ रही है।

नैनो डीएपी किसानों की लागत कम करने में भी मदद कर रहा है। जहां एक एकड़ खेत में पारंपरिक डीएपी के उपयोग पर लगभग 1350 रुपये खर्च होते हैं, वहीं नैनो डीएपी के इस्तेमाल से यह लागत घट जाती है। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें सीधे तौर पर 500 रुपये से अधिक की बचत हो रही है।

किसानों के अनुभव भी उत्साहजनक रहे हैं। उनका कहना है कि नैनो डीएपी के उपयोग से बीजों का अंकुरण बेहतर होता है और फसल की शुरुआती वृद्धि मजबूत रहती है। साथ ही, इससे फसल को कुछ कीटों से भी सुरक्षा मिलती है, जिससे उत्पादन की संभावना बढ़ जाती है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों का उपयोग इसी तरह बढ़ता रहा, तो इससे खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। छत्तीसगढ़ में आधुनिक उर्वरकों को बढ़ावा देने की यह पहल कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Author: JAN TV Editorial Team

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