लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के आदर्श आज भी उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे देश को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाए रखने के लिए समाज को सजग और संगठित रहना होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में "लव जिहाद", अवैध धर्मांतरण और "लैंड जिहाद" जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को ऐसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया था, लेकिन इसके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना अभी भी जरूरी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर युग में समाज को बांटने वाली नकारात्मक शक्तियां सामने आती हैं, लेकिन समाज को एकजुट होकर उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर विभाजन की कोशिशों से सावधान रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के आदर्श केवल पूजा तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें जीवन में अपनाने का प्रयास भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रवचन सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनसे मिलने वाली सीख को व्यवहार में उतारना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन, संतों के योगदान और भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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