अधिकारियों के अनुसार, यह घटना माजलगांव तहसील में सुबह करीब 11 बजे हुई। नाव में 30 से 40 श्रद्धालु सवार थे, जो भगवान पुरुषोत्तम को समर्पित प्रसिद्ध पुरुषोत्तमपुरी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु अक्सर नाव का उपयोग करते हैं।
पुलिस के मुताबिक, हादसे में बुलढाणा जिले के लोनार की रहने वाली 55 वर्षीय प्रणीला शेषराव राठौड़ की मौत हो गई। कुछ समय बाद एक अन्य अज्ञात महिला श्रद्धालु का शव भी नदी से बरामद किया गया। वहीं, वाशिम जिले की 75 वर्षीय सिंधुबाई अर्जुन मावले को बेहोशी की हालत में बचाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पवित्र ‘अधिक मास’ के कारण मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। घटना वाले दिन भी हजारों श्रद्धालु गोदावरी नदी में स्नान और मंदिर दर्शन के लिए एकत्र हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि नाव चालक ने अधिक कमाई के लालच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए क्षमता से कहीं ज्यादा लोगों को नाव में बैठा लिया था। नदी के बीच पहुंचने पर नाव असंतुलित होकर पलट गई, जिससे कई श्रद्धालु पानी में गिर गए।
हादसे के बाद स्थानीय मछुआरों और युवाओं ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में इस क्षेत्र में नाव पलटने की यह तीसरी घटना है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की बात कही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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