महाराष्ट्र: कर्ज माफी की शर्तों के खिलाफ रोहित पवार का अनशन दूसरे दिन भी जारी
(MAHARASHTRA, MAHARASHTRA) महाराष्ट्र में कृषि ऋण माफी योजना की शर्तों को लेकर सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार का अनिश्चितकालीन अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार ऋण माफी योजना में लगाई गई कड़ी शर्तों को नहीं हटाती और सभी किसानों को इसका लाभ नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

रोहित पवार ने शुक्रवार को सोलापुर के पंढरपुर में किसानों की पूर्ण कर्ज माफी और योजना की शर्तों में बदलाव की मांग को लेकर अनशन शुरू किया था। उनका आरोप है कि मौजूदा नियमों के कारण बड़ी संख्या में किसान योजना के दायरे से बाहर हो जाएंगे।

महाराष्ट्र सरकार ने 2 जून को 36,585 करोड़ रुपये की 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण की माफी का प्रावधान है, जिससे लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है।

रोहित पवार का दावा है कि योजना की दो प्रमुख शर्तें किसानों के हित में नहीं हैं। पहली, 2019 की ऋण माफी योजना का लाभ ले चुके किसानों को केवल 50 हजार रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। दूसरी, प्रोत्साहन अनुदान पाने के लिए किसानों को 2025-26 और 2026-27 के फसल ऋण का भुगतान करना अनिवार्य किया गया है।

उनका कहना है कि इन शर्तों के कारण 37 लाख से अधिक किसान योजना से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से इन प्रतिबंधात्मक शर्तों को तुरंत हटाने की मांग की है और कहा है कि मांग पूरी होने तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।

इस बीच, उनके आंदोलन को समर्थन देने के लिए उनके पिता राजेंद्र पवार भी धरनास्थल पहुंचे। रोहित पवार का यह आंदोलन अब राज्य सरकार पर किसानों के मुद्दे को लेकर दबाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

Author: JAN TV Editorial Team

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