अमृतसर के गोल्डन गेट पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। इससे पहले इसी अभियान के तहत दिल्ली, पुणे और लखनऊ में भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि 20 जून को सभी प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचेंगे और जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक वहीं डटे रहेंगे। उन्होंने छात्रों से आंदोलन में शामिल होने और डरने की जरूरत नहीं होने की बात कही। उनका कहना था कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य NEET और CBSE के छात्रों को न्याय दिलाना तथा पेपर लीक जैसे मामलों में जवाबदेही तय करना है।
दिपके ने कहा कि पंजाब के समर्थन के बिना देश में कोई बड़ा आंदोलन सफल नहीं हो सकता। उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए दावा किया कि सरकार सवाल उठाने वालों को बदनाम करने की कोशिश करती है। उन्होंने दोहराया कि परीक्षा संबंधी विवादों की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ देना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल कई युवाओं और किसानों ने पंजाब से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए, जिनमें किसानों की समस्याएं, बेअदबी की घटनाएं और बंदी सिखों की रिहाई जैसे विषय शामिल रहे। वहीं, कुछ लोगों ने आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर भी सवाल उठाए।
कॉकरोच जनता पार्टी ने पिछले महीने एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरुआत की थी। इसके बाद संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं, जिनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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