गुजरात की समरस हॉस्टल योजना बनी गरीब छात्रों की उच्च शिक्षा का मजबूत सहारा
(GUJARAT, GUJARAT) गांवों और दूरदराज़ इलाकों से बड़े शहरों में पढ़ाई का सपना देखने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए गुजरात सरकार की समरस हॉस्टल योजना उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत हजारों विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवास, भोजन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक तंगी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।

वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत वर्तमान में राज्य के 13 जिलों में 23 समरस हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं। इन हॉस्टलों में करीब 14 हजार छात्र रहकर अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर रहे हैं। छात्रों को रहने और खाने की सुविधा के साथ-साथ वाई-फाई, कंप्यूटर लैब और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाता है।

योजना के तहत प्रवेश पूरी तरह ऑनलाइन मेरिट आधारित प्रक्रिया से दिया जाता है। सभी वर्गों को समान अवसर देने के उद्देश्य से सीटों का आरक्षण भी तय किया गया है। इसमें SEBC वर्ग के लिए 45 प्रतिशत, SC के लिए 15 प्रतिशत, ST के लिए 30 प्रतिशत और EWS वर्ग के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं।

समरस हॉस्टलों की खास बात यह है कि यहां अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्र एक साथ रहकर शिक्षा प्राप्त करते हैं। इससे न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।

गुजरात सरकार की यह पहल केवल रहने की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों गरीब और मेधावी छात्रों के लिए उच्च शिक्षा, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य का मजबूत आधार बनती जा रही है।

Author: JAN TV Editorial Team

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