रांची के हेहल स्थित सरकारी ITI इसका प्रमुख उदाहरण है। यहां छात्र केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं ले रहे, बल्कि इनोवेशन और रिसर्च के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। संस्थान के छात्र बाबूलाल करमाली ने दृष्टिबाधित लोगों की सुरक्षा के लिए एक विशेष स्मार्ट ग्लास विकसित किया है, जिसकी काफी सराहना हो रही है।
आईटीआई हेहल में 23 अलग-अलग ट्रेड में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। संस्थान में शिक्षा बेहद किफायती है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों से सिर्फ 20 रुपये प्रति माह, जबकि सामान्य और ओबीसी वर्ग के छात्रों से 40 रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाता है।
राज्य सरकार ने सभी जिलों में एक-एक ITI को मॉडल ITI के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। सरकारी ITI अब केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनते जा रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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