पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। होटल, टैक्सी, घुड़सवारी और स्थानीय कारोबार से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका पर्यटन पर निर्भर है, ऐसे में पर्यटन सीजन उनके लिए रोजगार और आय का बड़ा स्रोत बन रहा है।
चंडीगढ़ से आई पर्यटक निर्वती ने बताया कि गुलमर्ग का मौसम बेहद सुहावना है और यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा अनुभव मिला। उन्होंने कहा कि पहली बार गुलमर्ग आने का मौका मिला और यहां की प्राकृतिक खूबसूरती तथा ठंडे मौसम का उन्होंने भरपूर आनंद लिया। उन्होंने लोगों से भी छुट्टियों में यहां आने की अपील की।
एक अन्य पर्यटक सुनीना ने कहा कि गुलमर्ग का मौसम और वातावरण बेहद मनमोहक है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था, जबकि गुलमर्ग में ठंडी हवा और सुहावने मौसम ने पूरे परिवार की छुट्टियों को यादगार बना दिया। उनके अनुसार, बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने यहां का भरपूर आनंद लिया।
पंजाब से आए पर्यटक अमित कुमार ने कहा कि गुलमर्ग में स्थानीय लोगों की मेजबानी, बेहतर व्यवस्था और सुरक्षित माहौल ने उनके अनुभव को और खास बना दिया। उन्होंने बताया कि पूरे सफर के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने अन्य लोगों से भी गुलमर्ग घूमने आने की अपील की।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी के बीच गुलमर्ग अपने ठंडे मौसम, प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के कारण परिवारों, प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर पसंद पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। बढ़ती पर्यटक संख्या यह भी दिखाती है कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियां लगातार रफ्तार पकड़ रही हैं और गुलमर्ग देश के प्रमुख ग्रीष्मकालीन पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।
Author: JAN TV Editorial Team
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