प्रदर्शनकारी परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए बेहतर मुआवजा और उचित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परियोजना के कारण कई गांवों के लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ेगा, इसलिए सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना भारत की पहली बड़ी नदी अंतर-संबंध (रिवर इंटरलिंकिंग) परियोजना है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और पेयजल उपलब्धता में सुधार करना है, जहां लंबे समय से सूखे की समस्या बनी रहती है।
हालांकि, छतरपुर और पन्ना जिलों के कई गांवों के निवासी संभावित विस्थापन को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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