मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक सी. एस. तोमर ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है, जबकि अरब सागर की मानसूनी शाखा भी काफी मजबूत है। इसके प्रभाव से 18 से 21 जुलाई के बीच प्रदेश में मानसून अत्यधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार, अगले 48 घंटों में देहरादून और बागेश्वर सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यधिक तीव्र वर्षा के दौर पड़ सकते हैं। संवेदनशील क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
लगातार हो रही बारिश का असर केदारनाथ यात्रा पर भी पड़ा है। चिरबासा के पास भूस्खलन होने से यात्रा मार्ग पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया, जिसके कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही रोक दी।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सुबह करीब 4:30 बजे गौरीकुंड, चिरबासा और भैरव मंदिर के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन की सूचना मिली थी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया गया और यात्रा मार्ग पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया।
प्रशासन ने लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें, क्योंकि अगले कुछ दिनों तक राज्य में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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