नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा ने बताया कि बारिश शुरू होने से पहले ही लार्वा नियंत्रण अभियान चलाया जाता है। कूलरों, खाली प्लॉटों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी को हटाने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार जले हुए तेल और अन्य उपायों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने कहा कि बारिश के मौसम में छोटे बर्तनों, कूलरों, गमलों और अन्य जगहों पर जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। ऐसे मच्छर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलाते हैं। इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चला रही हैं और जमा पानी को हटाने की कार्रवाई कर रही हैं।
नगर प्रशासन के अनुसार, शहर में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आने के बाद निगरानी और लार्वा नष्ट करने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है। सरकारी परिसरों में लार्वा मिलने की घटना ने यह संकेत दिया है कि सार्वजनिक संस्थानों में भी नियमित निरीक्षण और प्रभावी रोकथाम उपायों को और सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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