स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद अब ONDC, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर स्थानीय उत्पादों को बिक्री का मंच दे रहे हैं, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों की पहुंच गांव और जिले से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने की तैयारी है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिलेगा।
डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इससे स्थानीय और क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
सरकार का जोर केवल उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि उनकी ब्रांड वैल्यू तैयार करने पर भी है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे समूहों को बाजार की मांग समझने और उसी के अनुसार उत्पादन व विपणन की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
3,000 से अधिक उत्पादों के लिए तैयार किए जा रहे 543 प्रेरणा सरस स्टोर और डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म ग्रामीण महिला उद्यमिता को नए बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इससे गांव में तैयार होने वाले उत्पाद स्थानीय बिक्री तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।