मासिक समीक्षा व्यवस्था के जरिए कक्षा-कक्ष की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अधिगम, डिजिटल संसाधनों, विद्यालयी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को नियमित समीक्षा तंत्र से जोड़ा जाएगा। विद्यालय स्तर पर प्रगति की लगातार निगरानी के साथ जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन को प्रमुखता दी जाएगी। शैक्षिक कैलेंडर और मासिक पाठ्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति, कक्षा संचालन, निपुण लक्ष्य, आईसीटी शिक्षण सामग्री के प्रदर्शन और संदर्शिका-टीएलएम के प्रभावी उपयोग की समीक्षा होगी। विद्यार्थियों के अधिगम अंतर को कम करने के लिए कैच-अप शिक्षण, पढ़ने की संस्कृति और पुस्तकालय में पुस्तकों के उपयोग को भी परखा जाएगा। निपुण तालिका में दक्षताओं के अंकन, निपुण एप के नियमित आकलन तथा परख एवं निपुण आकलन के परिणामों की भी समीक्षा की जाएगी।
विद्यार्थियों की समग्र प्रगति के आकलन के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड से जुड़े निर्देशों और प्रशिक्षण के अनुपालन की समीक्षा होगी। प्रत्येक बैठक में दो प्रधानाध्यापकों द्वारा होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड साझा किए जाएंगे और उनका अभिलेखीकरण किया जाएगा। प्री-प्राइमरी शिक्षा के तहत विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों, यू-डायस मॉड्यूल में गतिविधियों की प्रविष्टि, बालवाटिका में उपलब्ध सामग्री के उपयोग तथा 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों के नामांकन और उपस्थिति की भी समीक्षा होगी।
विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग की पड़ताल की जाएगी। एनबीडीयूपी पोर्टल की मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट रिपोर्ट के आधार पर संसाधनों के उपयोग, उपकरणों की कार्यशीलता और तकनीकी समस्याओं की स्थिति देखी जाएगी। साथ ही यू-डायस+ डेटा, अपार आईडी और डिजिटल रजिस्टर को अद्यतन रखने की स्थिति भी परखी जाएगी।
‘स्कूल चलो अभियान’, हाउसहोल्ड सर्वे, आउट-ऑफ-स्कूल बच्चों की पहचान और नामांकन के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। पीएम पोषण योजना के तहत मध्याह्न भोजन के मेन्यू, वितरण, फल और दूध की नियमितता भी देखी जाएगी। ऑपरेशन कायाकल्प और निर्माण कार्यों के तहत लंबित कार्य, विद्यालय परिसर में अतिक्रमण तथा सीडब्ल्यूएसएन और बालिका शौचालयों की क्रियाशीलता की भी समीक्षा होगी।
बालिका शिक्षा और केजीबीवी के तहत मीना मंच, रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण और बालिकाओं से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्थाओं और शैक्षिक गतिविधियों का अनुश्रवण किया जाएगा। समावेशी शिक्षा के तहत प्रशस्त एप के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग की स्थिति भी देखी जाएगी।
खेलकूद गतिविधियों के नियमित आयोजन और उनकी फोटो प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करने की स्थिति की समीक्षा होगी। इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ, ‘एक पेड़ मां के नाम’, एसएचवीआर और ‘स्पेशल कैंपेन 6.0’ जैसी गतिविधियों के संचालन को भी देखा जाएगा। इसके अलावा समग्र शिक्षा, पीएम श्री और पीएम पोषण के तहत वित्तीय व्यय की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बीईओ-प्रधानाध्यापक की मासिक बैठकों के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाएगी। स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल पुस्तकालय जैसे संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार, मासिक बैठक को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और इंटरएक्टिव पैनल के प्रभावी उपयोग से जुड़े प्रशिक्षण वीडियो के माध्यम से विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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