कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग जेपीएस राठौर ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के लाभांश के रूप में दो करोड़ 69 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ।
भारत टैक्सी के सीईओ हिमांशु ने अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन सिंह, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ के डीआईजी अरविंद कुमार मौर्य के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता विभाग गरीब, किसान और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता विभाग को नई दिशा मिली है और सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं। ब्रजेश पाठक ने भारत टैक्सी को युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर से जोड़ते हुए कहा कि इसमें अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और अपनी कमाई की व्यवस्था होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारत टैक्सी को सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने और स्वयं को इसका ब्रांड एंबेसडर बनाने का आह्वान किया।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू हो रही है। उनके अनुसार, इस कार्यक्रम से प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ड्राइवरों के खातों में पहुंच चुकी है। वर्तमान में भारत टैक्सी देश के करीब 15 शहरों में संचालित हो रही है और उत्तर प्रदेश में लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर तथा प्रयागराज के जुड़ने के साथ करीब 40 हजार ड्राइवरों ने पंजीकरण कराया है।
मुरलीधर मोहोल ने उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र में हो रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं तथा पैक्स के कंप्यूटरीकरण और ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण का काम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत टैक्सी को सहकारिता आंदोलन को मोबिलिटी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने वाली पहल बताया।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।