(BIHAR, India)
नवरात्रि पर्व की शुरूआत हो चुकी है और देश भर में मां दुर्गा के भक्तों ने पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना कर घरों में घट स्थापना की। आज मां दुर्गा की पूजा का दूसरा दिन यानी द्वितीया तिथि है। देवी ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा अर्चना का दिन। इनका स्वरुप श्वेत वस्त्र में लिपटी हुई कन्या के रूप में है। जिसके एक हाथ में अष्टदल की माला और दूसरे हाथ में कमंडल विराजमान है। ये अक्षय माला और कमंडल धारिणी ब्रह्मचारिणी नामक दुर्गा शास्त्रों के ज्ञान और निगमागम तंत्र-मंत्र आदि से संयुक्त है। अपने भक्तों को ये अपनी सर्वज्ञ सम्पन्न विद्या देकर विजयी बनाती हैं। कहते हैं मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इस देवी को तपश्चारिणी यानी ब्रह्मचारिणी नाम से जाना गया। मां ब्रह्मचारिणी ने कई हजार सालों तक निर्जल और निराहार रहकर तपस्या की थी। जिसके चलते इन्हें बाद में अपर्णा नाम से भी जाना गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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